वर्मीकम्‍पोस्‍ट उत्‍पादन


वर्मीकम्‍पोस्‍ट उत्‍पादन'

जैविक खाद केंचुए की मदद से तैयार किया जाता है। केंचुआ अपनी प्रवृत्ति के अनुसार अमोनिक वेस्‍ट, गोबर एवं कचरे के मिश्रण को उपयोगी एवं अत्‍यंत उपजाऊ जैविक खाद में परिवर्तित कर देता है। बायोडाईजेस्टिव का उपयोग इसके उत्‍पादन में किया जाता है जिससे आर्गेनिक वेस्‍ट डीकंपोज हो जाता है। इस सेमी डीकंपोजड आर्गेनिक वेस्‍ट का गोबर के साथ उपयोग किया जाता है। इस विधि से केचुए द्वारा 30-35 दिन में वर्मीकम्‍पोस्‍ट तैयार हो जाता है।
एक 3x1x0.50 मीटर आकार के सीमेंट से निर्मित संरचना में सामान्‍यत: गोबर खाद तथा कचरे को 30:70 के मिश्रण में भरकर कुछ समय के लिये विघटित होने के लिए छोड दिया जाता है। इसमें पानी डालकर नमी बनाये रखते हैं। लगभग 10-15 दिन बाद जब विघटन की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाती है तो इसमें केंचुए छोड दिये जाते है। लगभग एक माह पश्‍चात् ये केंचुंऐ मिश्रण को उपयोगी खाद में बदल देते है। तत्‍पश्‍चात् उपरोक्‍त मिश्रण को छानकर उपयोग हेतु बोरियों में भर लिया जाता है, तथा केंचुओं को सावधानीपूर्वक अलग कर अगली बार उपयोग हेतु सुरक्षित कर लिया जाता है।

वर्मीकम्‍पोस्‍ट में वैल्‍यू एडिसन-
वर्तमान में किये जा रहे अनुसंधान कार्य में ट्रायकोडर्मा फंगस एवं बैक्‍टीरिया कंसोर्टियम का कलचर तैयार कर वर्मीकम्‍पोस्‍ट में मिलाकर पौधे तैयार किए जा रहे है।


जैविक खाद/कीटनाशक-
वर्तमान में जीवामृत, नीलाथोथा, हिंगोट जड का रस, पंचपर्णी काढा तथा वर्मीवॉश तैयार कर पौधों पर इनका प्रयोग किया जा रहा है। 



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